MP Govt Scheme for Women’s : मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक उत्थान के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है। वर्तमान में (2025 तक), इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
यहाँ मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को दिए जा रहे प्रमुख लाभों का विवरण दिया गया है: MP Govt Scheme for Women’s
1. आर्थिक सहायता एवं पेंशन (Financial Assistance)
सरकार सीधे बैंक खातों में पैसे भेजकर महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधार रही है।
- लाड़ली बहना योजना: यह वर्तमान में सबसे चर्चित योजना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की राशि सीधे उनके खाते में (DBT के माध्यम से) दी जा रही है। दिवाली 2025 के अवसर पर इस राशि को ₹1,250 से बढ़ाकर ₹1,500 कर दिया गया है।
- मुख्यमंत्री अविवाहित पेंशन योजना: 50 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ₹600 प्रति माह की पेंशन दी जाती है।
- कल्याणी (विधवा) पेंशन योजना: पति की मृत्यु के बाद महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
2. स्वास्थ्य और मातृत्व लाभ (Health & Maternity)
महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव के लिए सरकार कई तरह के लाभ दे रही है।
- जननी सुरक्षा योजना: संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ₹1,400 और शहरी क्षेत्रों में ₹1,000 की सहायता दी जाती है।
- लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0: बेटियों के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच और उनके स्वास्थ्य/शिक्षा के लिए यह योजना वरदान है। इसमें बालिका के नाम पर सरकार द्वारा निवेश किया जाता है, जो उसकी पढ़ाई और 21 वर्ष की आयु के बाद शादी के लिए बड़ी राशि के रूप में मिलता है।
- लालिया अभियान: एनीमिया (खून की कमी) को रोकने के लिए किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोलियां और पोषण संबंधी सहायता दी जाती है।
3. शिक्षा और सशक्तिकरण (Education & Empowerment)
बेटियों को स्कूल और कॉलेज तक पहुँचाने के लिए परिवहन और वित्तीय सहायता दी जा रही है।
- गाँव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना: मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
- निशुल्क साइकिल वितरण: ग्रामीण क्षेत्रों में जो छात्राएं दूर स्कूल जाती हैं, उन्हें सरकार द्वारा साइकिल दी जाती है।
- मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना: हिंसा या कठिन परिस्थितियों से पीड़ित महिलाओं को स्वरोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण (Skill Training) और आर्थिक मदद दी जाती है।
4. स्वरोजगार और उद्यम (Self-Employment)
महिलाओं को ‘recipient’ (प्राप्तकर्ता) से ‘entrepreneur’ (उद्यमी) बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
- महिला शक्ति केंद्र: ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और कौशल विकास।
- SHG (स्वयं सहायता समूह): महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए कम ब्याज पर ऋण।
- मुद्रा योजना: महिला उद्यमियों को ₹20 लाख तक का बिना गारंटी का लोन।
सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण नंबर
यदि आप किसी समस्या में हैं या योजनाओं की जानकारी चाहती हैं, तो सरकार ने निम्नलिखित हेल्पलाइन जारी की हैं:
- महिला हेल्पलाइन नंबर: 181
- पुलिस सहायता: 100 / 112
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